प्रमुख प्राणायाम के प्रकार:
01 अनुलोम-विलोम (Nadi Shodhan Pranayama)
एक नासिका से श्वास लेना और दूसरी से छोड़ना।
यह नसों की शुद्धि करता है और मन को शांत बनाता है।
02 भस्त्रिका प्राणायाम (Bhastrika Pranayama)
तेजी से और बलपूर्वक श्वास लेना व छोड़ना।
यह शरीर को ऊर्जा देता है और फेफड़ों को मजबूत करता है।
03 कपालभाति प्राणायाम (Kapalbhati Pranayama)
बलपूर्वक श्वास छोड़ना और स्वाभाविक रूप से श्वास लेना।
पेट की चर्बी घटाने, पाचन सुधारने और मानसिक शुद्धि के लिए लाभकारी।
04 भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama)
श्वास छोड़ते समय भौंरे जैसी गूंजती ध्वनि करना।
तनाव, गुस्सा और अनिद्रा में लाभकारी।
05 उज्जायी प्राणायाम (Ujjayi Pranayama)
गले से “सांय-सांय” की आवाज़ के साथ श्वास लेना।
यह मन को एकाग्र करता है और थायरॉइड ग्रंथि को संतुलित करता है।
06 शीतली प्राणायाम (Sheetali Pranayama)
जीभ को ट्यूब जैसा मोड़कर उससे श्वास लेना और नाक से छोड़ना।
शरीर की गर्मी कम करता है और मन को ठंडक देता है।
07 शीतकारी प्राणायाम (Sheetkari Pranayama)
दाँतों के बीच से श्वास लेना और नाक से छोड़ना।
शरीर को शीतलता प्रदान करता है।
08 सूर्य भेदी प्राणायाम (Surya Bhedi Pranayama)
केवल दाहिनी नासिका से श्वास लेना और बायीं से छोड़ना।
यह शरीर में उष्णता (गर्मी) उत्पन्न करता है।
09 चंद्र भेदी प्राणायाम (Chandra Bhedi Pranayama)
केवल बायीं नासिका से श्वास लेना और दाहिनी से छोड़ना।
यह शरीर को ठंडक देता है और शांति प्रदान करता है।

