🌞 सूर्य नमस्कार — शरीर, मन और आत्मा को जाग्रत करने की अद्भुत साधना
सूर्य नमस्कार योग का एक ऐसा क्रम है जिसमें बारह आसनों का अभ्यास एक साथ किया जाता है। यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जाग्रत करने वाली पूर्ण साधना है। इसका उद्देश्य है — दिन की शुरुआत ऊर्जा, श्रद्धा और संतुलन के साथ करना।
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🌼 सूर्य नमस्कार कैसे किया जाता है
सूर्य नमस्कार में बारह चरण या आसन होते हैं। इन्हें सूर्य की ओर मुख करके किया जाता है।
प्रत्येक मुद्रा के साथ एक विशेष मंत्र बोला जाता है और श्वास का संतुलन रखा जाता है। ये बारह चरण हैं —
1. प्रणामासन (नमस्कार मुद्रा) – दोनों हाथ जोड़कर सूर्य को नमस्कार करें।
2. हस्त उत्तानासन – सांस लेते हुए हाथ ऊपर उठाएं और पीछे की ओर झुकें।
3. पादहस्तासन – सांस छोड़ते हुए झुकें और हाथ पैरों के पास रखें।
4. अश्व संचालानासन – एक पैर पीछे करें, सिर ऊपर उठाएं।
5. दंडासन – दूसरा पैर पीछे कर शरीर सीधा रखें।
6. अष्टांग नमस्कार – दोनों हाथ, पैर, छाती और ठोड़ी जमीन पर टिकाएं।
7. भुजंगासन – सिर और छाती उठाएं, जैसे सर्प फन उठाता है।
8. पर्वतासन – शरीर को उल्टे V आकार में उठाएं।
9. अश्व संचालानासन (दूसरे पैर से) – अब दूसरा पैर आगे लाएं।
10. पादहस्तासन – दोनों पैर मिलाकर झुकें।
11. हस्त उत्तानासन – हाथ ऊपर उठाएं, पीछे झुकें।
12. प्रणामासन – फिर से नमस्कार मुद्रा में आ जाएं।
इन बारह आसनों को धीरे-धीरे श्वास के साथ मिलाकर करने से शरीर में लचीलापन, संतुलन और ऊर्जा आती है।
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🌿 सूर्य नमस्कार के अद्भुत लाभ
1. 🌞 शरीर को ऊर्जावान बनाता है – सुबह के समय करने से पूरा दिन ताजगी रहती है।
2. 🧘 मांसपेशियों और जोड़ों को लचीला बनाता है – पूरा शरीर सक्रिय होता है।
3. ❤️ रक्त संचार सुधरता है – हृदय और फेफड़े मजबूत होते हैं।
4. 🧠 मानसिक तनाव घटाता है – ध्यान और एकाग्रता बढ़ती है।
5. 🔥 वजन नियंत्रण में मदद करता है – शरीर की चर्बी घटाने में उपयोगी है।
6. 🙏 आध्यात्मिक संतुलन लाता है – सूर्य को प्रणाम करने से कृतज्ञता और सकारात्मकता बढ़ती है।
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🌻 कब और कैसे करें
सुबह सूर्योदय के समय, खुले स्थान में करें।
शुरुआत में 3 से 5 बार करें, फिर धीरे-धीरे संख्या बढ़ाएं।
खाली पेट अभ्यास करें।
मन शांत रखें और सूर्य की ऊर्जा को भीतर अनुभव करें।
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✨ संक्षेप में
सूर्य नमस्कार केवल शरीर को नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी ऊर्जा से भर देता है।
यह हर दिन को एक नई शुरुआत देता है — प्रकाश, श्रद्धा और संतुलन के साथ।

